Sunday, February 15, 2026

संघर्ष से सफलता तक

🌱 संघर्ष से सफलता तक

एक छोटे से गाँव में आरव नाम का एक लड़का रहता था। उसके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, लेकिन आरव के सपने बहुत बड़े थे। वह हर दिन स्कूल के बाद अपने पिता के साथ खेत में काम करता और रात को लालटेन की रोशनी में पढ़ाई करता।


गाँव के लोग अक्सर उससे कहते,
“इतनी मेहनत का क्या फ़ायदा? बड़े सपने अमीर बच्चों के लिए होते हैं।”


उनकी बातें आरव को चुभती थीं, लेकिन वह हार नहीं मानता। उसे भरोसा था कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती

एक दिन जिला स्तर की छात्रवृत्ति परीक्षा की घोषणा हुई। आरव ने ठान लिया कि वह इसे पास करेगा। सीमित साधनों के बावजूद उसने पूरे मन से तैयारी की। कई बार वह थक जाता, निराश होता, लेकिन फिर खुद से कहता—
“अगर आज रुक गया, तो कल कभी आगे नहीं बढ़ पाऊँगा।”


परीक्षा का दिन आया। आरव ने पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दी। कुछ हफ्तों बाद परिणाम आया—
आरव ने पूरे जिले में पहला स्थान हासिल किया था।


उस दिन गाँव के वही लोग, जो कभी उसका मज़ाक उड़ाते थे, आज गर्व से उसका नाम ले रहे थे। आरव को छात्रवृत्ति मिली और आगे पढ़ने का मौका भी।

आरव ने मुस्कुराकर कहा:


“परिस्थितियाँ चाहे जैसी हों, अगर हौसले मज़बूत हों तो मंज़िल ज़रूर मिलती है।”


सीख:

सपने देखने वालों को रोकने वाली सबसे बड़ी चीज़ डर और दूसरों की राय होती है।
अगर आप खुद पर भरोसा रखते हैं, तो कोई भी मुश्किल आपको रोक नहीं सकती।